UPSSSC PETQuestion 143 of 149 · अपठित गद्यांश (Hindi Unseen Passage)
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UPSSSC PET 2023 (28 Oct Shift 2)

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निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए : इस रत्नगर्भा वसुंधरा के अंतःस्थल में हीरे-मणि-माणिक्य और सम्पदा का अभाव नहीं है । धरती का विस्तीर्ण अतल गर्भ अनंत धनराशि से भरा पड़ा है । आवश्यकता है, इसके वक्ष को चीरकर उन्हें उगलवा लेने वाले दृढ़ संकल्प और साहस की । धरती के अंदर विद्यमान धनराशि के कारण ही धरती वसुंधरा कहलाती है । इस धरा पर रहने वाले कुछ लोग ऐसा मानते हैं कि यदि भाग्य में नहीं है तो हथेली पर आई वस्तु भी नष्ट हो जाती है । जब हम अपना चिंतन केवल भाग्यवाद को आधार मानकर करते हैं, तो हम लक्ष्य की प्राप्ति के लिए अपेक्षित प्रयत्न नहीं करते । प्रयत्न के अभाव में फल भी नहीं मिलता और लोग भाग्य को दोष देते रहते हैं । ऐसे भाग्यवादी लोगों को कायर माना जाता है । अकूत सम्पदा तो उसी को मिल सकती है जो पूर्ण संकल्प के साथ कार्य में प्रवृत्त हो । जैसे अर्जुन का ध्यान पक्षी की बेधे जाने वाली आँख पर था, उसी प्रकार जो लक्ष्य के प्रति एकनिष्ठ होकर सतत प्रयासशील रहता है, समय के परिपाक के साथ उस लक्ष्य को पाने में सफल हो जाता है । ऐसे लोग जो भाग्य के सहारे बैठे रहते हैं और प्रतीक्षा करते रहते हैं कि अली बाबा की सिम-सिम वाली गुफा का द्वार कब खुलता है, उन्हें जब असफलता का अँधेरा अपने चारों ओर घिरता दिखाई देता है, तब वे पछतावा करते हैं कि उन्होंने व्यर्थ ही समय गँवा दिया । मनुष्य के पास सभी कुछ पा लेने की क्षमता होती है, पर कैसे उसे पाया जाएगा उसके लिए संपूर्ण-निर्णयशक्ति, दृढ़ संकल्प और अपेक्षित परिश्रम आवश्यक है । कई बार लक्ष्य के एकदम समीप पहुँच कर हम प्रयत्न करना छोड़ देते हैं और भाग्य को दोष देते हैं । भाग्य जैसी कोई वस्तु या तो होती ही नहीं है और या परिश्रम की चाबी के साथ मिलकर भाग्य की चाबी काम करती है । भाग्य की अकेली चाबी सफलता के ताले को नहीं खोल सकती । इसीलिए कवि तुलसीदास ने कहा है - कायर मन कर एक अधारा । दैव दैव आलसी पुकारा ॥

गद्यांश में कायर किसको माना गया है ?

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Answer: Option A — जो अपेक्षित परिश्रम से डरकर भाग्य का आश्रय ले ।

Detailed Solution

गद्यांश में स्पष्ट लिखा है कि जो लोग अपेक्षित प्रयत्न नहीं करते और केवल भाग्य को दोष देते रहते हैं, ऐसे भाग्यवादी लोगों को कायर माना जाता है । इसलिए अपेक्षित परिश्रम से डरकर भाग्य का आश्रय लेने वाला ही कायर है; युद्ध या पड़ोसी वाली बातें गद्यांश में कहीं नहीं हैं ।

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अपठित गद्यांश (Hindi Unseen Passage) — UPSSSC PET Preparation

This question tests your understanding of अपठित गद्यांश (Hindi Unseen Passage), a key topic in the UPSSSC PET General Hindi (सामान्य हिन्दी) section. The detailed solution above uses a step-by-step approach to show the reasoning, and where available, a shortcut that helps you solve similar questions in under 90 seconds during the actual exam.

हिन्दी अपठित गद्यांश पढ़कर उत्तर देने वाले प्रश्न। UPSSSC PET के गद्यांश और प्रश्न हल सहित।