UPSSSC PETQuestion 40 of 40 · अपठित गद्यांश (Hindi Unseen Passage)
Questioneasy
This question was previously asked in

UPSSSC PET 2025 (6 Sept Shift 1)

Directions

निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए । दुःख की श्रेणी में प्रवृत्ति के विचार से करुणा का उल्टा क्रोध है । क्रोध जिसके प्रति उत्पन्न होता है उसकी हानि की चेष्टा की जाती है । करुणा जिसके प्रति उत्पन्न होती है उसकी भलाई का उद्योग किया जाता है । किसी पर प्रसन्न होकर भी लोग उसकी भलाई करते हैं । इस प्रकार पात्र की भलाई की उत्तेजना दुःख और आनन्द दोनों की श्रेणियों में रखी गई है । आनन्द की श्रेणी में ऐसा कोई शुद्ध मनोविकार नहीं है जो पात्र की हानि की उत्तेजना करे, पर दुःख की श्रेणी में ऐसा मनोविकार है जो पात्र की भलाई की उत्तेजना करता है । लोभ से, जिसे मैंने आनन्द की श्रेणी में रखा है, चाहे कभी कभी और व्यक्तियों या वस्तुओं को हानि पहुँच जाय पर जिसे जिस व्यक्ति या वस्तु का लोभ होगा, उसकी हानि वह कभी नहीं करेगा । लोभी महमूद ने सोमनाथ को तोड़ा; पर भीतर से जो जवाहरात निकले उनको खूब सँभालकर रखा । नूरजहाँ के रूप के लोभी जहाँगीर ने शेर अफगन को मरवाया पर नूरजहाँ को बड़े चैन से रखा । ऊपर कहा जा चुका है कि मनुष्य ज्यों ही समाज में प्रवेश करता है, उसके सुख और दुःख का बहुत-सा अंश दूसरों की क्रिया या अवस्था पर अवलम्बित हो जाता है और उसके मनोविकारों के प्रवाह तथा जीवन के विस्तार के लिए अधिक क्षेत्र हो जाता है । वह दूसरों के दुःख से दुखी और दूसरों के सुख से सुखी होने लगता है । अब देखना यह है कि दूसरों के दुःख से दुखी होने का नियम जितना व्यापक है क्या उतना ही दूसरों के सुख से सुखी होने का भी । किसी दुखी मनुष्य को सामने देख हम अपना दुखी होना तब तक के लिए बन्द नहीं रखते जब तक कि यह न मालूम हो जाय कि वह कौन है, कहाँ रहता है और कैसा है; यह और बात है कि यह जानकर कि जिसे पीड़ा पहुँच रही है उसने कोई भारी अपराध या अत्याचार किया है हमारी दया दूर या कम हो जाय । ऐसे अवसर पर हमारे ध्यान के सामने वह अपराध या अत्याचार आ जाता है और उस अपराधी या अत्याचारी का वर्तमान क्लेश हमारे क्रोध की तुष्टि का साधक हो जाता है । सारांश यह कि करुणा की प्राप्ति के लिए पात्र में दुःख के अतिरिक्त और किसी विशेषता की अपेक्षा नहीं ।

किसकी प्राप्ति के लिए पात्र में दुःख के अतिरिक्त और किसी विशेषता की अपेक्षा नहीं होती है ?

Answer View answer ▾

Answer: Option C — करुणा

Detailed Solution

अंतिम पंक्ति: ‘करुणा की प्राप्ति के लिए पात्र में दुःख के अतिरिक्त और किसी विशेषता की अपेक्षा नहीं।’

💬 Discussions on this question

Ask a doubt ›

Still stuck on this question? Ask our faculty and fellow students — answers appear here.

Ask a doubt

More अपठित गद्यांश (Hindi Unseen Passage) Questions

View all ›
  1. Q1.विश्व में शांति क्यों आवश्यक है ?
  2. Q2.विश्व शांति की स्थापना के लिए सबसे आवश्यक है
  3. Q3.कठोर से कठोर हृदय को भी कोमल बनाया जा सकता है
  4. Q4.किसी भी राष्ट्र के स्वर्णिम-युग के प्रमुख तत्त्व हैं
  5. Q5.‘नितान्त’ शब्द का उपयुक्त पर्याय है

More General Hindi (सामान्य हिन्दी) Questions

  1. Q1.‘एकल’ का विलोम शब्द हैविलोम शब्द (Hindi Antonyms)
  2. Q2.‘दर्प’ का पर्यायवाची कौन सा है ?पर्यायवाची शब्द (Hindi Synonyms)
  3. Q3.‘मन को हरने वाला’ वाक्य के लिए नीचे दिए गए विकल्प में से एक शब्द चुनिए :अनेक शब्दों के लिए एक शब्द (One Word Substitution)
  4. Q4.‘गागर में सागर भरना’ मुहावरे का अर्थ लिखिए।मुहावरे और लोकोक्तियाँ (Idioms and Proverbs)
  5. Q5.शुद्ध वर्तनी का चयन कीजिए।शुद्ध वर्तनी (Correct Spelling)

अपठित गद्यांश (Hindi Unseen Passage) — UPSSSC PET Preparation

This question tests your understanding of अपठित गद्यांश (Hindi Unseen Passage), a key topic in the UPSSSC PET General Hindi (सामान्य हिन्दी) section. The detailed solution above uses a step-by-step approach to show the reasoning, and where available, a shortcut that helps you solve similar questions in under 90 seconds during the actual exam.

हिन्दी अपठित गद्यांश पढ़कर उत्तर देने वाले प्रश्न। UPSSSC PET के गद्यांश और प्रश्न हल सहित।