UPSSSC PETQuestion 86 of 149 · अपठित गद्यांश (Hindi Unseen Passage)
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UPSSSC PET 2022 (15 Oct Shift 2)

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निम्नलिखित अनुच्छेद को पढ़कर पूछे गये प्रश्नों (प्र. 24 से 28) के उत्तर दीजिए । आज परिवारों का विघटन होता जा रहा है । परिवार सीमित और छोटे होते जा रहे हैं । पढ़े-लिखे परिवारों में एक या दो बच्चे ही होते हैं । माँ-बाप अपने उपलब्ध संसाधनों से बड़े लाड़-प्यार से बच्चों को अच्छी शिक्षा दिलवाते हैं और दुलार के साथ बड़ा करते हैं । पुराने समय का ‘लालयेत् पञ्च वर्षाणि, दश वर्षाणि ताडयेत्’ वाला फार्मूला अब बदल चुका है । इतना लाड़ मिलने के बावजूद आज की नई पीढ़ी के बच्चे असहनशील होते जा रहे हैं । अगर शिक्षक कक्षा में उनसे कुछ भी कह दें, घर में माँ-बाप या कोई रिश्तेदार कुछ भी कह दें, तो वे तुरंत प्रतिक्रियाशील हो जाते हैं । ग्रहणशीलता समाप्त होती जा रही है और जैसा वे चाहें, वैसा करने की आज़ादी उन्हें चाहिए । अस्तु, येन-केन प्रकारेण बच्चे पढ़-लिखकर नौकरी पा जाते हैं या अपना काम सँभाल लेते हैं । माता-पिता धीरे-धीरे बूढ़े होते जाते हैं । उनके द्वारा बचपन के प्यार से लेकर उस समय तक के त्याग और बलिदान उन्हीं के अपने बच्चों द्वारा भुला दिए जाते हैं । अब माँ-बाप बूढ़े और शक्तिहीन हैं और बच्चों पर बोझ । आज के बूढ़े माँ-बाप पिछली पीढ़ी के बूढ़े माँ-बाप की तुलना में अधिक दयनीय से होते जा रहे हैं । उन्हीं के द्वारा पालित-पोषित बच्चे उन्हें अपने परिवार का सदस्य मन से स्वीकार नहीं कर रहे हैं । यही कारण है कि बुढ़ापे में या तो माँ-बाप अकेले रहते हैं और या अपने ही घर में दीन-हीन से होकर बच्चों का मुँह ताकते हैं । पीढ़ियों के अंतराल से जीवन मूल्यों में तेज़ी से बदलाव हो रहा है । अच्छी भावना से भी यदि बूढ़े माँ-बाप वयस्क बच्चों या उनके परिवार के विषय में कुछ सलाह देते हैं, तो उनकी सलाह का सम्मान नहीं होता । यह संभवतः पीढ़ियों के अंतराल का परिणाम है । अब समय बदल गया है और अनुभवपूर्ण सलाह की इस नई पीढ़ी को आवश्यकता नहीं है । अपेक्षा की जाती है कि यदि उन्हें साथ रहना है तो एडजस्ट करके चलें, अन्यथा वृद्धाश्रम में हम-उम्र लोगों के बीच समय बिताएँ । खुद भी चैन से रहें और उन्हें भी अपनी तरह से चैन से रहने दें । क्या वास्तव में इस सबके लिए युवा पीढ़ी ही दोषी है या कुछ दोष वृद्धों का भी है ?

आज के बुजुर्गों के लिए बदलते समय की कौन सी सर्वोचित माँग है जिससे वे चैन से अपना बुढ़ापा काट सकें ?

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Answer: Option B — बुजुर्ग बुढ़ापे के लिए कुछ अर्जित करके रखें और अगली पीढ़ी के सदस्यों पर न बोझ बनें और न अपनी राय थोपें ।

Detailed Solution

गद्यांश के अनुसार आज बूढ़े माँ-बाप बच्चों पर बोझ माने जाते हैं और उनकी सलाह का सम्मान नहीं होता, इसलिए उनसे एडजस्ट करके चलने की अपेक्षा की जाती है ।

अतः बुढ़ापे के लिए कुछ अर्जित करके रखना और अगली पीढ़ी पर न बोझ बनना, न राय थोपना ही सर्वोचित माँग है; अन्य विकल्प इसका केवल एक छोटा हिस्सा हैं ।

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अपठित गद्यांश (Hindi Unseen Passage) — UPSSSC PET Preparation

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हिन्दी अपठित गद्यांश पढ़कर उत्तर देने वाले प्रश्न। UPSSSC PET के गद्यांश और प्रश्न हल सहित।